ताजा खबर
Bisalpur Dam : जयपुर को आज मिली सबसे बड़ी खुशखबरी! बीसलपुर बांध में पानी भरने का आज तक का रिकॉर्ड टूट...   ||    अरविंद केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई : अदालत आबकारी नीति मामले में सीबीआई के खिलाफ दिल्ली के मुख...   ||    सीपीएल 2024: तेजतर्रार निकोलस पूरन ने तोड़ा क्रिस गेल का रिकॉर्ड!   ||    Bengal Bandh Today Live News: बीजेपी का 12 घंटे के लिए बंगाल बंद; सरकारी कर्मचारियों को ममता का निर्...   ||    Janmashtami Vrat Katha: वीडियो में देखें भगवान विष्णु ने आधी रात में क्यों लिया कृष्णावतार, जानें जन...   ||    इस महाराजा ने 50,000 रुपए में खरीदी थी विदेशी बीवी, लेकिन शादी में आई ये अड़चन, यहां पढ़े अजब प्रेम ...   ||    Petrol Diesel Price Today: राजस्थान के इस शहर में आज इतना सस्ता हुआ पेट्रोल और डीजल, आपके यहां क्या ...   ||    पूर्व PM इंदिरा गांधी की रिहाई के लिए प्लेन हाईजैक करने वाले भोलानाथ पांडेय का निधन, जानिए अनसुना कि...   ||    कोलकाता रेप-मर्डर केस-11 दिन बाद AIIMS डॉक्टरों की हड़ताल खत्म:CJI ने कहा था काम पर लौट आएं, राज्य सर...   ||    क्या जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए हाथ मिलाएंगे नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस? राहुल गांधी के दौ...   ||   

Ram Katha : विभीषण के अलावा लंका के एक खास व्यक्ति ने भी की थी श्रीराम की मदद, पढ़ें पूरी रोचक स्टोरी

Photo Source :

Posted On:Saturday, January 13, 2024

राम सिया राम के इस एपिसोड में हम राम, लक्ष्मण और सीताजी समेत रामचरित मानस के कई पात्रों पर चर्चा कर रहे हैं। भगवान श्री राम की लंका में विभीषण के अलावा भी कई ऐसे लोग थे जो धर्म की मर्यादा को भली-भांति समझते थे और समय आने पर उन्होंने भगवान श्री राम का साथ दिया और पूरा सहयोग दिया। तो आइए जानते हैं ऐसे ही एक पात्र के बारे में जो लंका में रहता था, लेकिन संकट के समय उसने श्री राम की मदद भी की थी।

श्री रामचरित मानस में भगवान श्री राम के संपूर्ण जीवन का विस्तार से वर्णन किया गया है। माता सीता के हरण के बाद भगवान श्री राम ने लंका पर आक्रमण कर दिया। इस दौरान लंका के राजा रावण के भाई विभीषण ने भगवान रावण और लंका का त्याग कर भगवान श्री राम की शरण ली। लंका विजय में उन्होंने भगवान श्री राम के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

यह भी वर्णित है कि रावण के दूसरे भाई, शक्तिशाली कुम्भकरण ने भी रावण को युद्ध छोड़कर श्री राम की शरण में जाने की सलाह दी थी। लेकिन रावण ने उसकी बात नहीं मानी और कुंभकरण भी रणचंडी के रूप में बलिदान हुआ। कहा जाता है कि एक बार युद्ध के दौरान रावण के पुत्र मेघनाद ने लक्ष्मण पर वीरतापूर्ण शक्ति का प्रयोग किया था।

इस शक्ति के प्रभाव से लक्ष्मणजी मूर्छित हो गये। कहा जाता है कि इस शक्ति के प्रभाव से लक्ष्मणजी पूरी तरह से बेहोश हो गए थे। संकट के इस समय में जब भगवान राम अस्वस्थ हो गए तो विभीषण की सलाह पर लंका के राजा सुषेण को लक्ष्मण के इलाज के लिए बुलाया गया। इस कठिन परिस्थिति में सुषेण वैद्य ने अपनी जान की परवाह किए बिना भगवान श्री राम का साथ दिया और लक्ष्मण का इलाज किया। लक्ष्मणजी के ठीक होने के बाद ही सुषेण वैद्य को वापस लंका भेजा गया।


भोपाल और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. Bhopalvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.