मुंबई, 04 अप्रैल, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। JDU ने वक्फ संशोधन बिल पर मोदी सरकार का समर्थन किया है। इसके बाद से CM नीतीश कुमार की पार्टी में एक के बाद मुस्लिम नेताओं का इस्तीफा जारी है। अब तक बिल को समर्थन देने से नाराज 7 मुस्लिम नेताओं ने पार्टी छोड़ दी है। इनमें पूर्व प्रदेश सचिव एम. राजू नैयर, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मोहम्मद शाहनवाज मलिक, बेतिया जिला के उपाध्यक्ष नदीम अख्तर, प्रदेश महासचिव सिएन मो. तबरेज सिद्दीकी अली, भोजपुर से पार्टी सदस्य मो. दिलशान राईन और खुद को मोतिहारी के ढाका विधानसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी बताने वाले मोहम्मद कासिम अंसारी शामिल हैं। नवादा जिले के जेडीयू जिला सचिव मोहम्मद फिरोज खान ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। फिरोज खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दोहरी नीति का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है। मुस्लिम नेताओं ने वक्फ बिल के समर्थन पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि पार्टी ने लाखों मुसलमानों का भरोसा तोड़ा है। हालांकि, पार्टी ने दावों को खारिज किया है।
वहीं, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने वक्फ संशोधन बिल को नहीं मानने वालों को देशद्रोही बताया है। विजय सिन्हा ने कहा, यह पाकिस्तान नहीं, हिंदुस्तान है। जहां संविधान का शासन चलता है। नरेंद्र मोदी की सरकार में कानून का पालन कंपलसरी है, जो लोग संसद में पास हुए कानून को नहीं मानेंगे, वे देशद्रोही हैं। ऐसे लोगों की तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए। वहीं, अपने दफ्तर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने वक्फ बिल का विरोध करने वालों को भ्रष्टाचारी बताते हुए कहा, 'जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई की जानी चाहिए। बेटा बाप से बगावत कर रहा है। खुद लालू यादव ने ऐसे कड़े कानून की मांग की थी।'