ताजा खबर

Fact Check: बसपा सुप्रीमो मायावती का पुराना वीडियो फर्जी दावे के साथ हो रहा वायरल

Photo Source :

Posted On:Saturday, March 29, 2025

सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मायावती राजनीति से सन्यास लेने की बात कर रही हैं, लेकिन भाजपा का साथ न मंजूर होने का जिक्र भी कर रही हैं। हालांकि, जयपुर वोकल्स द्वारा की गई पड़ताल में यह सामने आया कि यह वीडियो हाल का नहीं, बल्कि साल 2020 का है।

क्या है वीडियो की असलियत?

यह वीडियो उस समय का है जब यूपी की 7 सीटों पर एमएलसी चुनाव होने वाले थे। 29 अक्तूबर 2020 को मायावती ने समाजवादी पार्टी पर उसके दलित विरोधी रुख का हवाला देते हुए उसे हराने के लिए भाजपा या किसी अन्य पार्टी को समर्थन देने की बात कही थी। इसके बाद, उन्होंने एक बयान जारी कर मुस्लिम समाज को स्पष्ट करते हुए कहा था कि वह राजनीति से संन्यास ले सकती हैं, लेकिन भाजपा के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेंगी

क्या किया जा रहा है दावा?

एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वेरिफाइड यूजर अरविंद प्रताप (बसपा) ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा—

"मैं मुस्लिम समाज को बताना चाहती हूं कि मैं राजनीति से संन्यास ले सकती हूं, लेकिन भाजपा से मिलकर कभी चुनाव नहीं लड़ूंगी। और क्या चाहिए हमारे मुस्लिम समाज के लोगों को? क्यों बहक जाते हो उनके कहने पर, जो आपका वोट लेकर भाजपा को बेच देते हैं?"

इसके अलावा, 'बीएसपी' नामक एक पैरोडी अकाउंट ने भी यही वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया है।

फैक्ट चेक में क्या सामने आया?

जयपुर वोकल्स द्वारा की गई पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो काफ़ी पुराना है। यह 2 नवंबर 2020 को एक न्यूज चैनल के यूट्यूब अकाउंट पर अपलोड किया गया था। पूरा वीडियो 25 मिनट लंबा है, और 13 मिनट 21 सेकंड के बाद मायावती का वही बयान सुना जा सकता है, जिसे वायरल क्लिप में इस्तेमाल किया गया है। इस वीडियो को ध्यान से सुनने के बाद यह स्पष्ट होता है कि मायावती उस समय यूपी में होने वाले एमएलसी चुनावों में भाजपा के समर्थन की बात पर सफाई दे रही थीं

भाजपा समर्थन का विवाद: क्या था असली मामला?

29 अक्तूबर 2020 को मायावती ने एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को हराने के लिए, उनके विरोध में खड़े किसी भी प्रत्याशी का समर्थन करने की बात कही थी, फिर चाहे वह भाजपा का प्रत्याशी हो या किसी अन्य पार्टी का। हालांकि, इस बयान को कांग्रेस और सपा के नेताओं ने गलत तरीके से प्रचारित किया, जिससे मुस्लिम समाज को भ्रमित किया जा सके। इसी मुद्दे पर 2 नवंबर 2020 को मायावती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया—

"मैंने केवल भाजपा के समर्थन की बात नहीं की थी। मेरे बयान को कांग्रेस और सपा के लोग तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं, ताकि मुस्लिम समाज बीएसपी से अलग हो जाए।"

निष्कर्ष: वायरल वीडियो भ्रामक है

फैक्ट चेक में यह साफ हो गया है कि मायावती का यह वीडियो पुराना है और इसे गलत दावे के साथ सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है। इस तरह की भ्रामक पोस्ट से सावधान रहने और किसी भी सूचना को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता जांचने की सलाह दी जाती है।


भोपाल और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. Bhopalvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.