ताजा खबर
Bisalpur Dam : जयपुर को आज मिली सबसे बड़ी खुशखबरी! बीसलपुर बांध में पानी भरने का आज तक का रिकॉर्ड टूट...   ||    अरविंद केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई : अदालत आबकारी नीति मामले में सीबीआई के खिलाफ दिल्ली के मुख...   ||    सीपीएल 2024: तेजतर्रार निकोलस पूरन ने तोड़ा क्रिस गेल का रिकॉर्ड!   ||    Bengal Bandh Today Live News: बीजेपी का 12 घंटे के लिए बंगाल बंद; सरकारी कर्मचारियों को ममता का निर्...   ||    Janmashtami Vrat Katha: वीडियो में देखें भगवान विष्णु ने आधी रात में क्यों लिया कृष्णावतार, जानें जन...   ||    इस महाराजा ने 50,000 रुपए में खरीदी थी विदेशी बीवी, लेकिन शादी में आई ये अड़चन, यहां पढ़े अजब प्रेम ...   ||    Petrol Diesel Price Today: राजस्थान के इस शहर में आज इतना सस्ता हुआ पेट्रोल और डीजल, आपके यहां क्या ...   ||    पूर्व PM इंदिरा गांधी की रिहाई के लिए प्लेन हाईजैक करने वाले भोलानाथ पांडेय का निधन, जानिए अनसुना कि...   ||    कोलकाता रेप-मर्डर केस-11 दिन बाद AIIMS डॉक्टरों की हड़ताल खत्म:CJI ने कहा था काम पर लौट आएं, राज्य सर...   ||    क्या जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए हाथ मिलाएंगे नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस? राहुल गांधी के दौ...   ||   

सबसे ताकतवर सैन्य संगठन NATO के चीफ बनेंगे मार्क रूट, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Wednesday, June 26, 2024

मुंबई, 26 जून, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रूट दुनिया के सबसे बड़े सैन्य संगठन नाटो के सेक्रेटरी जनरल होंगे। सेक्रेटरी जनरल की दौड़ में उनका मुकाबला रोमानिया के पीएम क्लोस लोहनिस से था। हालांकि पिछले ही हफ्ते उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था। जिसके बाद मार्क रूट के सेक्रेटरी जनरल बनने का रास्ता साफ हो गया। मार्क रूट का प्रधानमंत्री के तौर पर कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है। वे ऐसे समय में नाटो के सेकेट्ररी जनरल बनने जा रहे हैं, जब इस संगठन के सामने रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी एक बड़ी चुनौती मौजूद है। रूट का कार्यकाल 1 अक्टूबर से शुरू होगा। वे निवर्तमान सेक्रेटरी जेंस स्टॉलटेनबर्ग की जगह लेंगे। स्टॉलटेनबर्ग का 10 साल का कार्यकाल सितंबर में खत्म होने जा रहा है। उन्होंने बुधवार को मार्क रूट को जनरल सेक्रेटरी चुने जाने के लिए बधाई भी दी।

तो वहीं, नाटो में सेक्रेटरी जनरल अंतरराष्ट्रीय सिविल सर्वेंट होता है। वह नाटो की सभी महत्वपूर्ण समितियों का अध्यक्ष होता है। साथ ही संगठन के अहम निर्णयों में उसकी भूमिका होती है। इसके अलावा संगठन के प्रवक्ता और अंतरराष्ट्रीय स्टाफ के प्रमुख की जिम्मदारी भी उसके पास होती है। मार्क रूट को सेक्रेटरी जनरल के तौर पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इनमें रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन को समय पर मदद मुहैया कराना उनकी पहली चुनौती है। इसके अलावा उनके सामने इस सैन्य संगठन को मजबूत करने की भी चुनौती है। हाल के दिनों में नाटो देशों के बीच सामंजस्य में कमी आई है। मार्क रूट के पास इसका हल निकालने की कोशिश करेंगे।

आपको बता दें, लिथुआनिया में जुलाई में नाटो सम्मेलन होने जा रहा है, जिसमें यूक्रेन युद्ध और नाटो की एकजुटता को लेकर अहम फैसले हो सकते हैं। ​​​जेलेंस्की बार-बार नाटो में शामिल होने की अपनी मांग दोहरा रहे हैं। जेलेंस्की कई बार कह चुके हैं कि यूक्रेन नाटो का सदस्य बनने के लिए तैयार है। वे सदस्य देशों से इस पर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा था कि जब सिक्योरिटी की गारंटी नहीं होती तो वहां केवल जंग की गारंटी होती है। दरअसल, जर्मनी, फ्रांस और अमेरिका जंग के दौरान यूक्रेन को नाटो संगठन में शामिल करने को तैयार नहीं है। इन देशों को चिंता है कि ऐसा करने पर रूस की नाराजगी और बढ़ेगी।


भोपाल और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. Bhopalvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.