मुंबई, 29 अगस्त, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। पाकिस्तान सरकार के मंत्री अहसान इकबाल ने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। इकबाल ने दावा किया कि भारत ने अपने बांधों से अचानक पानी छोड़ा, जिसकी वजह से पंजाब प्रांत में भीषण बाढ़ आ गई। उन्होंने कहा कि रावी, सतलुज और चिनाब नदियों में पानी छोड़े जाने से गुजरांवाला डिवीजन में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि हजारों एकड़ जमीन डूब गई। अल जजीरा की एक रिपोर्ट में बताया गया कि पाकिस्तान में जून से अब तक आई बाढ़ और भूस्खलन की वजह से 776 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 197 बच्चे भी शामिल हैं। इस दौरान करीब 993 लोग घायल हुए और 4000 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हो गए। इकबाल ने एक वीडियो संदेश में कहा कि भारत की ओर से अचानक पानी छोड़ा जाना एक तरह का सबसे खराब हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत नदियों में पानी रोक कर रखता है और फिर अचानक उसे छोड़ देता है, जिससे जान और माल का भारी नुकसान होता है। मंत्री ने यह भी कहा कि इस तरह का मुद्दा राजनीति से अलग होना चाहिए और पानी से जुड़ी जानकारी समय पर साझा की जानी चाहिए थी।
इस बीच, पाकिस्तान की नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) ने सिंध प्रांत में अलर्ट जारी कर दिया है। वहां के निचले इलाकों और नदियों के किनारे बसे गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने के आदेश दिए हैं और नुकसान का पूरा ब्योरा जुटाने को कहा है। हालांकि, भारत ने इस दावे को खारिज किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की तवी नदी में बाढ़ के हालात को देखते हुए पाकिस्तान को चार दिन पहले ही अलर्ट कर दिया गया था। मंत्रालय का कहना है कि यह कदम पूरी तरह मानवीय दृष्टिकोण से उठाया गया। इस्लामाबाद में भारतीय हाई कमीशन ने रविवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को स्थिति की जानकारी भी दी थी। आम तौर पर ऐसी चेतावनी सिंधु जल संधि के तहत दोनों देशों के वाटर कमिश्नरों के बीच साझा की जाती रही है।