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राजनीतिक साजिश, CBI जांच की मांग… कफ सिरप मामले में नाम सामने आने के बाद क्या बोले धनंजय सिंह?

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Posted On:Saturday, November 29, 2025

प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी और अवैध सिंडिकेट के एक बड़े मामले में नाम सामने आने के बाद जौनपुर के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को पूरी तरह से राजनीतिक साजिश करार दिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग की है।

अपने आधिकारिक एक्स (Twitter) हैंडल से लगातार पोस्ट करते हुए धनंजय सिंह ने लिखा, "मेरे राजनीतिक विरोधी मेरे बारे में तरह-तरह की भ्रामक बातें और झूठी खबरें फैला रहे हैं।"

वाराणसी से जुड़े मामले में राजनीति का आरोप

धनंजय सिंह ने अपने पोस्ट में कहा कि यह पूरा प्रकरण वाराणसी से जुड़ा हुआ है। इस कारण उन्हें लगता है कि "कांग्रेस और कुछ विपक्षी दल माननीय प्रधानमंत्री जी की छवि धूमिल करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।"

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि:

  • इस मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराई जाए।

  • असली दोषी सलाखों के पीछे पहुंचे।

  • उनके खिलाफ चल रही अनर्गल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति पर विराम लगे।

धनंजय सिंह ने आगे लिखा, "जो लोग मेरे नाम का इस्तेमाल कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं, उन्हें जल्द ही जनता और कानून दोनों के सामने जवाब देना पड़ेगा। सच्चाई सामने आएगी और झूठ का बुलबुला फूटेगा।"

पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग की छापेमारी

यह पूरा मामला तब सामने आया जब पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग की संयुक्त टीम ने प्रतिबंधित कोडीन आधारित कफ सिरप की अवैध सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए बड़े स्तर पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में कई बड़े नामों के सामने आने की बात कही जा रही है।

सोशल मीडिया और कुछ हलकों में धनंजय सिंह का नाम भी इस सिंडिकेट से जोड़ा जा रहा है, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक द्वेष की संज्ञा दी है।

पूर्वांचल की राजनीति पर प्रभाव

धनंजय सिंह लंबे समय से जौनपुर और पूर्वांचल की राजनीति में एक प्रभावशाली नेता रहे हैं। वह 2014 में जौनपुर लोकसभा सीट से बसपा के टिकट पर सांसद चुने गए थे। विभिन्न दलों से दूरी बनाकर, उन्होंने एक निर्दलीय ताकत के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्तमान में वह 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पूर्वांचल में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं। अब देखना यह होगा कि धनंजय सिंह की सीबीआई जांच की मांग पर सरकार क्या रुख अपनाती है और यह प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी का मामला पूर्वांचल की सियासत में कितना तूल पकड़ता है। धनंजय सिंह के आरोप और सफाई इस बड़े अपराध सिंडिकेट की जाँच को एक नया राजनीतिक मोड़ दे रहे हैं।


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